Ladki Ka Doodh – आंटी की मचलती चूत | SEXY AUNTY KI CHUDAI STORY 2021

Ladki Ka Doodh – आंटी की मचलती चूत

मेरी माँ की सहेली सुनीता की उम्र करीब 40 से ज्यादा ही होगी पर वो लगती नही थी। Ladki Ka Doodh

उनके पति दफ्तर के काम से अक्सर बाहर जाते थे और उनके 2 बच्चे थे। एक लड़का जो होस्टल में पड़ता था

और एक लड़की थी जिसकी कुछ टाइम पहले शादी हुई थी। 

वो मेरी माँ की कुछ समय पहले ही नई फ्रेंड बनी थी। 

फिर वो हमारे घर भी आने लगी सुनीता आंटी हमेशा साड़ी ही पहनती है। 

में उनके बारे में कभी कुछ गलत नही सोचता था। 

एक दिन आंटी मेरे घर आई और मेरी माँ से कहने लगी। मेरे घर में कोई नही होता हे , तो क्या मैं आशीष को बुला सकती हूं अगर थोड़ा बोहत काम हो तो। Ladki Ka Doodh

मेरी माँ ने हाँ कह दिया आप कोई भी काम हो इस को बोल दिया करो। 

ये कर देगा फिर क्या था सुनीता आंटी मुझको एक दो दिन मैं कुछ ना कुछ समान मंगाती ही रहती थी 

और मैं उन के घर में जाता रहता पर कभी घर के अंदर नही जाता था। बाहर से उनको समान दे कर चला जाता था।

एक दिन आंटी ने मुझे फ़ोन किया की आशीष मेरे साथ तुम मार्केट चलोगे मुझको कुछ समान लाना है। 

उन दीनो बारिश हो रही थी। मैं आंटी के घर के बाहर आया और डोर बेल्ल बजाई 

और कहा मैं आ गया हूँ….. आंटी ने क्या साडी पहनी थी।

Ladki Ka Doodh - आंटी की मचलती चूत | SEXY AUNTY KI CHUDAI STORY 2021

रेड सिल्क कलर की सिल्की साडी। मैने इतना ध्यान नही दिया क्यूकी में आंटी के बारे में कभी भी गलत नही सोचता था।

मैं आंटी को बाइक में ले जाने लगा और आंटी को मार्केट ले आया। आंटी ने कुछ घर का समान लिया और फिर आंटी एक शॉप में गयी। Ladki Ka Doodh

जहा पेंटी और ब्रा मिलता था। मैं शॉप के बाहर ही रुक गया। 

आंटी बोली आशीष क्या हुआ में बोला आंटी आप ही जाइए आंटी ने बोला चलो ना कोई दिक्कत नही है।     

आंटी के साथ अंदर चला गया आंटी ने शॉपकीपर से कुछ पेंटी और ब्रा मंगवाई। 

आंटी का साइज़ 42 था। आंटी ने 3 पेंटी और ब्रा पसंद कर ली और फिर आंटी को मैं घर लाने लगा तभी बारिश होने लगी।

आंटी और में थोड़ा भीग गए थे ,  हम जैसे आंटी के घर पहुचे तभी बारिश तेज़ हो गयी। 

आंटी बोली आशीष अंदर चलो जल्दी से मैं बाइक लगा के आंटी के घर चल दिया।

आंटी ने अपने घर का दरवाजा खोला और हम अंदर गये।  Ladki Ka Doodh

मैं आंटी के घर के अंदर पहली बार गया था। 

आंटी ने कहा आशीष ये लो टॉवल जल्दी से ड्रेस चेंज लो नही तो ठंड लग जायगी।

मैंने कहा आंटी कोई बात नही में बारिश कम होते ही चला जाउगा। 

आंटी ने कहा अरे आशीष तुम्हारी ड्रेस पूरी भीग गयी है। तुम बीमार हो जाओगे। 

मैने आंटी की बात मान ली और ड्रेस उतार ली और टॉवल को पहन लिया और आंटी भी ड्रेस चेंज करने चली गयी। 

अपने रूम में। आंटी जब वापस आई तो क्या लग रही थी। वो पिंक कलर की नाइटी में आई और मेरे सामने आ कर बैठ गयी। Ladki Ka Doodh

फिर आंटी बोली आशीष में चाय बना कर लाती हू। 

उस टाइम तक मेरे लिए आंटी के लिए कुछ ग़लत नही सोच रहा था। 

फिर आंटी चाय लेकर आई और मेरे सामने आ कर बेठ गयी और हम दोनो चाय पिने लगे 

और आंटी इधर उधर की बाते करने लगी की।। आशीष तुम क्या करते और क्या करना चाहते हो।

फिर आंटी कहने लगी आशीष में ब्रा चेक कर लू की साइज़ सही है या नही अगर सही नही होगा तो तुम चेंज कर लाना। 

फिर आंटी अंदर गयी और थोड़ी देर बाद आंटी ने मुझको आवाज़ मारी। आशीष ज़रा अंदर आना।

में टॉवल में ही अंदर गया और अंदर जाते ही मेरी आँखे खुली की खुली रह गयी।

आंटी पेंटी और ब्रा में थी। ब्रा पहनने की कोशिस कर रही थी। Ladki Ka Doodh

आंटी बोली अंदर आ जाओ। 

में हिम्मत करके अंदर गया और आंटी बोली आशीष ज़रा इसको पहनाना मुझसे हुक लग नही रहा। 

में बोला आंटी में… आंटी बोली तो क्या हुआ… में आंटी की ब्रा का हुक लगाने लगा 

और चुपके चुपके उनके मोटे बोब्स देख रहा था। आंटी मुझसे पूछने लगी आशीष तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है…. 

मैं उस टाइम चुप रहा आंटी फिर बोली बताओ ना मैं किसी को नही बोलूंगी…..

मैं बोला आंटी ऐसी कोई बात नही हे। मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है। आंटी क्यू झूट बोल रहा हे। मैं बोला आंटी कोई मिली नही. . . Ladki Ka Doodh

आंटी बोली तुमको किस तरह की लड़की चाहिए।। मैं बोला जो मुझको प्यार करे। 

आंटी बोली हा सही है. . मैने आंटी के ब्रा का हुक लगा दिया। आंटी मेरे सामने सीधी हो कर खड़ी हो गयी।

उनके मोटे मोटे बोब्स देखा कर लंड खड़ा हो गया और टॉवल से साफ दिखने लगा। आंटी ने देख लिया।

फिर आंटी बोली आशीष ज़रा वो वाली लाना जो बाद में है।। मैं उस दूसरी ब्रा लेने गया। 

तब तक आंटी ने अपनी ब्रा उतार दी और मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी मैं थी। मेरे दिमाग़ ही काम नही कर रहा था।

आंटी बोली लाओ। मैं लेकर आंटी के पास गया। Ladki Ka Doodh

आंटी बोली क्या हुवा आशीष कभी किसी ओरत को ऐसे नही देखा… 

मैंने कहा नही आंटी… मेरे लंड की तरफ़ देखकर बोली ये क्या है… 

में बोला आंटी कुछ नही… आंटी मेरे पास आई और मेरे लंड को छूने लगी।

में पागल सा हो रहा था। आंटी ने मेरा टॉवल निकाल दिया। मैं अपने अंडरवेयर में था। 

आंटी मेरे लंड को अंडरवेयर के बाहर से हिलाने लगी मुझसे कंट्रोल नही हुआ मैं आंटी को बाहो में भर लिया और उन को किस करने लगा।

आंटी बोली आशीष काफ़ी टाइम से तेरे अंकल ने मुझको प्यार नही किया। 

इस लिए मैने ये सब करा अगर मैं तुझसे बोलती तो तू मुझसे बात भी नही करता क्योकि तुमको भी मुझे भी अच्छा नही लगता । 

मैने बोला आंटी ऐसी बात नही है। 

मैं आपको आज से खूब प्यार करुगा। आंटी मुझको किस करने लगी। 

मैंने आंटी को गोद में लिया और बेड में लेटा दिया।

मैने आंटी की पेंटी के उपर से ही उनकी चूत मसलने लगा और उनके बोब्स को चूसने लगा। 

आंटी मस्त आवाज़ निकालती जा रही थी। मैने आंटी की पेंटी उतार दी मैने देखा आंटी की चूत में एक भी बाल नही है पूरी लाल चूत थी।

आंटी बोली मैंने आज ही साफ किया है। मुझे आज तुझसे जो मिलना था.. मैने कहा क्या बात है साली

वो हँसने लगी और मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी। Ladki Ka Doodh

में उसके बोब्स चूसते चूसते उसकी नाभि को किस और चाटने लगा। उसने कहा आशीष अपनी आंटी को मत तड़पाओ प्लीज़ अपना लंड डालो।

मैंने कहा अच्छा आंटी लो फिर , मैने आंटी के पेरो को फेलाया और उनकी चूत में अपना लंड रखा। धीरे से अंदर डालना शुरू किया।

एक झटका दिया आंटी की चीख निकल गयी और मैंने अपनी स्पीड बड़ा ली और आंटी की आवाज़ मुझको दीवाना करने लगी। 

हहा…आ.आ.. हम्म हहा…आई… मैने स्पीड से उनकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड करता रहा। 

आंटी ने अपना पानी छोड़ दिया। पर मेरी स्पीड चल रही थी। 15 मिनट बाद मेरा भी निकलने वाला था।

मैंने पूछा आंटी कहा निकालू वो बोली बाहर निकाल दो।

तोह यह थी बगल वाली आंटी की चुदाई Ladki Ka Doodh

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